Sunday, June 21, 2020

जानिए अपने मोबाइल फोन की बैटरी को देर तक चलाने के उपाय ।


आज मोबाइल के बिना काम चलाने कि बात सोचना भी बेईमानी लगता है l मोबइल फोन की बैटरी का dead हो जाना एक बहुत बड़ी समस्या बनता जा रहा है।  जैसे जैसे तकनीकि विकास हुआ है, वैसे वैसे आज कल के मोबाइल फ़ोन भी विकसित हुए है। आज कल के फ़ोन बहुत पावरफुल होने के साथ साथ बहुत ही हलके और आकर्षित बने हुए है।  यह भी एक आश्चर्य ही है की आज जो फ़ोन हमारे साथ में है वह अपोलो-11 के ऑनबोर्ड कम्प्यूटर से भी कई गुना ज्यादा पावरफुल जो मानव को चाँद पर लेकर गया था।  आधुनिक फ़ोन का मुख्य प्रोसेसर एक सेकण्ड में कई करोड़ गणनाए करने में सक्षम है।  आज के फ़ोन की स्क्रीन का आकर भी निरंतर बड़ा होता जा रहा है।  फ़ोन में प्रयोग हो रही स्क्रीन हमारे टीवी की स्क्रीन से भी बहुत आधुनिक और ज्यादा साफ़ तस्वीर दिखने में सक्षम हो रही है।  

यह भी सत्य है की जैसे जैसे ये सब विकास हुआ साथ ही स्मार्टफोन की बैट्ररी पर भी बहुत ज्यादा दबाव पड़ा है।  इस सब सुविधाओं के साथ ही फ़ोन की बैटरी भी जल्दी ख़तम होने लगती है।  बैटरी की क्षमता में वृद्धि जरूर हुई है परन्तु फिर भी बहुत बार  हमें बटेरी के जल्दी ख़तम होने की समस्या से दो चार होना ही पड़ता है।  अपने इस लेख में आइये हम कुछ ऐसे उपायों  पर बात करते है जिससे हम अपनी बैटरी और फोन की आयु को बढ़ा सकते है।  

1.  बैटरी को 100 % तक रिचार्ज करना 
जब भी हम एक नया फोन खरीदते है तब वह लगभग 50 % या उससे भी कम बैटरी रिचार्ज के साथ हमें मिलता है। ऐसा फ़ोन की ढुलाई (dispatch ) में होने वाले खतरे को ध्यान में रख कर किया जाता है।  क्योकि सफर के दौरान ज्यादा चार्ज बैटरी खरतनाक हो सकती है। जैसे ही हम फ़ोन को खरीदते है तब सलाह दी जाती है की अपने फ़ोन की बैटरी को पूरा चार्ज होने बाद ही प्रयोग किया जाए।  


वास्तव में जब आपकी बैटरी 100 % रिचार्ज हो जाती है तब भी बैटरी को कुछ चार्ज की जरूरत होती है।  इसको (equalizing) कहा जाता है।  यह बैटरी में प्रयोग होने वाले सेल्स को पूरा चार्ज करने में सहायता करता है इसके कारन बैटरी को डिस्चार्ज होने में ज्यादा समय लगता है। और यूजर को ज्यादा बैटरी प्रयोग करने को मिलती है।  तो जब भी फ़ोन को पहली बार प्रयोग करें तब 100 % चार्ज होने के बाद ही प्रयोग में लाए। सारी रात चार्जिंग पर फोन को लगाने से भी फोन की बैटरी को नुकसान पहुंचता है । इसलिए इससे भी बचे । 
 
2. केवल 10 % डिस्चार्ज तक ही प्रयोग करें 
आप अपने फ़ोन को जब प्रयोग करते है तब फ़ोन की बैटरी आपकी फ़ोन की खपत के अनुसार डिस्चार्ज होना शुरू कर देती है।  जैसे फ़ोन की बैटरी को 100 % रिचार्ज की जरूरत होती है वैसे ही 10 % क्षमता से ज्यादा डिस्चार्ज न करें।  इससे बैटरी पर अधिक दबाव पड़ता है जिसके कारण बैटरी के सेल्स जल्दी कमजोर हो जाते है।  परिणाम स्वरूप बैटरी की आयु घट जाती है।  

3. उपयुक्त चार्जेर का ही प्रयोग करें। 
हर बैटरी की चार्जिंग की आवशयक्ताए अलग अलग होती है इसी कारन हर फ़ोन कर चार्जर अलग प्रकार होता है। भले ही उसका चार्जिंग पिन एक समान ही क्यों न हो।  क्योकि बैटरी की क्षमता mAh ( मिली एम्पियर प्रति घंटा ) में होती है तब उसकी चार्जिंग की गति भी उसी अनुपात में अलग होती है।  साथ ही फ़ोन में लगा चार्जिंग सर्किट भी अलग अलग क्षमता का हो सकता है।  



तब यही उचित होगा यदि फ़ोन के साथ आए हुए चार्जर के साथ ही फ़ोन को चार्ज किया जाए।  कम या अधिक पावर का चार्जर बैटरी और फ़ोन के लिए खतरनाक होता है।  काम क्षमता का चार्जर जहां अधिक समय में फ़ोन को चार्ज करेगा वही फ़ोन की बैटरी पर बुरा आसर डालेगा। और अधिक क्षमता का चार्जर बैटरी और फ़ोन दोनों को बहुत गरम कर देगा जिसके कारण फ़ोन ख़राब होने की सम्भावना बढ़ जाएगी।  इसलिए उपयुक्त बैटरी चार्जर का ही प्रयोग सही रहेगा।  

4 . वॉलपेपर का चुनाव 
अभी तक हमने फ़ोन के हार्डवेयर की बात की जैसे बैटरी , फ़ोन और चार्जर। इन सबके साथ फ़ोन की सेटिंग की भी बहुत मायने रखती है।  फ़ोन को जब आन या अनलॉक किया किया जाता है तब जो फोटो सबसे पहले सामने आती है उसको वॉलपेपर कहा जाता है।  यह वॉलपेपर भी बैटरी को डिस्चार्ज करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।  इस के कारण  बैटरी पर अतिरिक्त भार  पड़ता है। यदि यह वॉलपेपर ब्राइट यानि अधिक चमकदार है तब बैटरी को डिस्प्ले के बैकलाइट को अधिक पावर देनी पड़ती है जिसके  कारण बिना किसी प्रयोग के ही हमारी बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है। 

सलाह दी जाती है की यह स्क्रीन जितनी कम चमकदार होगी उतनी ही ज्यादा बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होगी। तब अच्छा रहेगा यदि हम इसको कम चमकदार स्क्रीन वॉलपेर का प्रयोग करें या ब्लैक यानि काले रंग का वॉलपेर लगाए। आज कल तो डार्क थीम बहुत ही प्रचलन में है।  लगभग हर फ़ोन के लिए डार्क थीम गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध भी है।     

5. वाइब्रेशन सेटिंग 
फ़ोन में काफी सारे फंक्शन उपयोगकर्ता के लिए दिए होते है।  ऐसा ही एक फंक्शन है वाइब्रेशन सेटिंग।  फ़ोन को विब्रेट करने के लिए  एक DC मोटर का प्रयोग होता है । इस मोटर की पावर की खपत बहुत ज्यादा होती है । फोन में बहुत से फंक्शन में विब्रेशन का प्रयोग होता है उदाहरण के लिए जब स्क्रीन touch करने पर , रिंगटोन बजने पर और कॉल कनैक्ट होने पर । 

इस प्रकार बहुत सी ऐसी सेटिंग्स होती हैं जहां पर वाइब्रेशन की जरूरत  नहीं होती परंतु बिना कारण यदि सेटिंग ऐसी की हुई है जहां पर वाइब्रेशन हो रहा है वहाँ पर बिना कारण के ही ज्यादा बैटरी use हो जाती है । इसे बंद करके हम कुछ मिनट की अपनी बैटरी की  लाइफ बड़ा सकते है । 

6. रिंगटोन की आवाज 
रिंगटोन आने पर ही हमें पता चलता है की फोन पर कोई बात करना चाहता है । तब ऐसे में फोन को रिंगटोन मोड़े पर डालना ही पड़ता है । परंतु अगर हम किसी एक कमरे में ही बैठे है तब अपनी रिंगटोन को पूरे वॉल्यूम पर करना सही नहीं होगा । यह नैतिक तौर पर भी सही नहीं लगता । ज्यादा वॉल्यूम का मतलब है ज्यादा बैटरि की खपत । जितना हो सके हमें ज्यादा रिंगटोन वॉल्यूम से बचना चाहिए। इसी से हम अपनी बैटरि को और कुछ मिनट तक प्रयोग कर पाएंगे। 

7. फोन को ज्यादा गरम होने से बचाए 
फोन में लगी बैटरी चार्ज को रसायनिक ऊर्जा के रूप में सँजोकर रखती है । यह रसायनिक क्रिया के द्वारा संभव हो पता है । जब बैटरि को प्रयोग किया जाता है । तब बैटरी कुछ गर्मी छोडती है । प्रयोग के समय फोन का गरम होना स्वाभिक होता है। परंतु एक सच यह भी है की यदि बैटरी को गरम किया जाता है तब इसकी क्षमता प्रभावित होती है । इसके कारण यह अपने चार्ज को पूरी तरह से प्रयोग नहीं कर पाती है परिणाम स्वरूप यह कम समय का ही बैकअप दे पाती है । तो जितना संभव हो उतना बैटरी को ग्राम होने से बचाए ।

8. फोन को अनाव्श्यक  झटको से बचाए 
बैटरी के लिए झटके बिलकुल भी सही नहीं है । झटको के कारण भी आपकी बैटरी की क्षमता प्रभावित होती है । ज्यादा ज़ोर का झटका बैटरी के फटने का कारण भी बन सकता है । आजकल की बैटरी को ऐसा बनाया जाता है की जिससे वह झटका लगने पर भी बिना किसी नुकसान के काम कर सके परंतु फिर भी झटको से कुछ न कुछ हानि तो पहुँचती ही है । 

9. कुछ अन्य सेटिंग्स 
ऊपर बताए गए उपायों के साथ साथ कुछ अन्य सेटिंग्स भी है जी आपकी बैटरी की आयु को बड़ा सकती है ।
नीचे कुछ ऐसी ही सेटिंग्स के बारे में बताया गया है ।
1. यदि आपके कुछ apps ने location को ON किया हुआ है तब ज्यादा बैटरी की खपत होती है ।
2. ब्राइटनेस को यदि 40 % से ज्यादा किया ज्ञ है तब भी ज्यादा बैटरी का प्रयोग होता है । परिणाम स्वरूप कम समय का बैटरी बॅकअप  ही उपलब्ध हो पाता है ।
3. कुछ बैटरी ट्रैकिंग apps भी ज्यादा बैटरी खपत के लिए जिम्मेदार होते है । इसलिए सोच समझ कर ही कोई app इन्स्टाल करें । 

तो यह थे कुछ उपाय जिनको अपनाकर हम ज्यादा बैटरी लाइफ ले सकते है और अपनी बैटरी के साथ साथ फोन को भी एक लंबी आयु प्रदान कर सकते है । 













Sunday, June 14, 2020

Why Police and Army use own Walky-Talky to communicate ?

Introduction
Walkie-Talkie are small or medium sized electronic devices that used for short and medium range communication . This communication may be pier-to-pier or pier to many depending upon the requirements. These walkies can be easily seen in hands of state police or army generally but in some time can see these small devices with the emergency services also. These walkies-talkies were invented in world war-II for US army to meet their communication need in battle field. These walkies are very useful in the scenario where no other media get succeed. Let's talk about the basic fundamentals of the walkies-talkies.

Communication and Modulation
Communication basically is a technique where we send information from one end called sender (Transmitter) to another end called receiver. The medium for sending information can be two types like wired or wireless. In walkies we use wireless medium. For that we use microwaves, medium waves to send the information from sender to receiver. Wireless signal have its own properties to travel at a certain distance. Medium waves can travels less than the shortwaves or microwaves. A simple block diagram of a communication system is shown in the figure below.

A Basic Communication System

As we can see in the figure there is a information source that produces the information ( in Walkie talkie case the information is in the form of voice) and send it to the source coding this block converts the voice into electrical signal (Varying Voltage or Audio Signal). This signal than modulated with the high frequency signal. and than after power amplified for transmission through antenna. 
On the other hand the signal in received by the antenna fed to the RF power amplifier for amplification . Than the original signal is recovered after removing the high frequency signal this process is called demodulation. Source decoding mean the actual transformation of signal for electrical to physical information ( In our case it is voice ) a speaker does it in receiver end. 

Difference between Walkies-Talkies and mobile network
walkies looks alike mobile set but they both are difference by their working and hardware. Let's discuss about how they are different from each other. 

A. Mobile phones require a BT (Base Transmission ) Station to work but walkies don't. In each walkies have its own BT station to transmit their waves to receiver walkie. They can work without BT .

B. Mobile phone need SIM (Subscriber Identity Module) in it to be capable to talk. But onthe other hand Walkie are free from SIM. All they need the transmit frequency. 

C. In mobile system we need to dial a special phone no of receiver to talk but walkie have to only press PTT (Push to talk) button to talk.

D. Mobile phones works in full duplex mode . It means the sender and receivers can send and receive the voices at the same time but generally walkies works on half duplex mode. It means only one can send the info and other can receive only.

These are the basic difference between the mobile phones and walkies . 

Why Police and Army use own Walky-Talky to communicate ?
The answer of this question is in the difference between the mobile and walkies. In emergency situations there is no time to dial a phone number . On the other way if the BT station is in not working condition than we can't talk of receive any signal or information. But at this situation walkies can talk and hear. Police and army need to talk in a group to work in a team. So mobile is not good medium to use. 
A set of modern Walkie-Talkie
In walkies network one transmitter can deliver a massage to all walkies just in one shot. On the other hand mobile network need to dial everyone phone no and need to repeat the massage again and again. In mobile to make the communication we need to dial number than ring will alert the receiver than receiver will pick up and communication start. 
Field use of Walkies
In walkie network sender need to press PTT and start to transmit information all walkies in the network will start listening the massage here no need to pick up . 

So we can see that walkies are more convenient to use in emergency situation . Mobiles are good for domestic use but in special conditions like battle and natural calamities we have to depends upon the walkie- talkies network.  They are much use in the group talks. Modern walkies are much secures they use high secure way to communicate. We will discuss these point in our another talk..  




जानिए अपने मोबाइल फोन की बैटरी को देर तक चलाने के उपाय ।

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